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Showing posts from December, 2023

तीन राज्यों में जीत से 2024 को लेकर आशंका बढ़ गई है!

  वक़्त  बेवक़्त   25 Dec, 2023 2023 बीत चला। 2024 के कदमों की आहट अब तेज हो गई है। यह भी कहा जा सकता है कि भारत में 2023 एक तरह से अपनी ज़िंदगी जी नहीं पाया। 2023 का साल 2024 का या तो इंतज़ार था या उसकी आशंका। 2024 की छाया साल गुजरने के साथ 2023 पर लंबी होती गई है।‘ 2024 में क्या होगा?’, 2023 का सबसे बड़ा और महत्त्वपूर्ण सवाल यही था।  2024 में ऐसा क्या ख़ास है? भारत के संदर्भ में बात करें तो यह लोक सभा के चुनाव का साल है।यह चुनाव तय करेगा कि संघीय सरकार बदलेगी या 10 साल पुरानी नरेंद्र मोदी नीत संघीय सरकार की ही एक और नई पारी शुरू होगी।लेकिन सरकार के बनने या बदलने का सवाल ही क्यों देश के लिए सबसे बड़ा सवाल होना चाहिए? क्यों हमारी ज़िंदगी का हर पहलू सरकार कैसी है, इससे तय होना चाहिए? इसका कारण यह है कि हमारे समाज की लगभग सारी प्रक्रियाएँ या संस्थाएँ एक तरह से सरकार पर निर्भर हैं। विश्वविद्यालय हों या न्यायालय या नौकरशाही, सरकार के बदलते ही उनका काम काम या रवैया बदलेगा, यह स्वाभाविक माना जाता है।पुलिस और अब तो सेना का बर्ताव भी सरकार के अनुसार ही तय होता है।इसका अर्...

इज़राइल अब इज़राइल के लिये ख़तरा बन गया है!

    वक़्त  बेवक़्त      18 Dec, 2023 इज़राइल में इस वक्त हज़ारों लोग फिर से सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं। ये प्रदर्शन हो रहे है क्योंकि  ग़ज़ा में इज़राइली फ़ौज ने दो रोज़ पहले 3 इज़राइली लोगों को ही मार डाला है। ये वे लोग थे जिन्हें 7 अक्टूबर को हमास बंधक बनाकर ग़ज़ा ले गया था। हमास ने इज़राइल के इन लोगों को बंधक इसलिए बनाया था कि इनकी वापसी के बदले वह इज़राइल की जेलों में बरसों से बंद फ़िलस्तीनियों को आज़ाद करवा सके। लेकिन अपने लोगों को वापस लेने के लिए ‘हमास’ से बातचीत शुरू करने की जगह इज़राइल ने कहा कि वह ‘हमास’ से उसकी इस हिमाक़त का बदला लेगा। उसने 8 अक्टूबर से ग़ज़ा पर बमबारीऔर ज़मीनी हमला शुरू कर दिया।  यह कोई युद्ध नहीं था हालाँकि इज़राइल का कहना है कि वह ‘हमास’ को समूल नष्ट करने के लिए यह हमला कर रहा है। लेकिन वह ‘हमास’ को नहीं ग़ज़ा के लोगों को, बच्चों, मरीज़ों, बूढ़ों को क़त्ल कर रहा था। जब लोगों ने कहा कि ग़ज़ा में इज़राइल जनसंहार कर रहा है, अमेरिका और इंग्लैंड की सरकारों ने कहा कि बेचारा इज़राइल क्या कर सकता है, वह कैसे ख़ुद को ...

इज़राइल की क्रूरता के लिये पश्चिम के देश भी ज़िम्मेदार!

  वक़्त  बेवक़्त      11 Dec, 2023 इज़राइल की क्रूरता के साथ उसकी अश्लीलता और उसके झूठ के नमूने रोज़ रोज़ दुनिया के सामने आ रहे हैं। कहना ग़लत न होगा कि इनके बिना इज़राइल की कल्पना नहीं की जा सकती। आख़िर वह देश और कैसा हो सकता है जो दूसरों की ज़मीन लूट कर, उनका क़त्लेआम करके ही क़ायम किया गया हो !  इज़राइल के विषय में यह बात जितनी सही है उतनी ही अमेरिका और यूरोप के ज़्यादातर देशों के बारे में जिनमें जर्मनी भी शामिल है।अमेरिका इन सबके साथ इज़राइल के झूठ को और ज़ोर देकर प्रचारित और प्रसारित करता है और उसकी क्रूरता को मानवता कहकर जायज़ ठहराता है।  अभी दो रोज़ पहले इज़राइल की तरफ़ से वीडियो जारी किया गया जिसमें दर्जनों फ़िलिस्तीनी सिर्फ़अंडरवियर पहने हुए पूरी तरह नंगे, आँखों पर पट्टी बाँधे हुए घुटने टेके बैठे दिख रहे हैं। इज़राइल ने दावा किया कि ये हमास के लड़ाके हैं जिनको  इज़राइल की फ़ौज ने हथियार डालने पर मजबूर किया है। तुरंत मालूम हो गया कि ये साधारण नागरिक हैं। इनमें दुकानदार, डॉक्टर, पत्रकार, अध्यापक शामिल थे। इज़राइल ने दूसरा वीडियो जारी किया। इस...